उत्तर प्रदेश एसटीएफ और जीआरपी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 14 वर्ष से फरार चल रहे 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश रजनीश उर्फ राजेश उर्फ चन्द्रमान को मथुरा से गिरफ्तार किया गया है।
वह मुरादाबाद जेल से न्यायालय में पेशी के लिए लाए जाते समय पुलिस को चकमा देकर भाग गया था।
इसके बाद नाम बदलकर इस पर पारिवारिक विवाद के चलते अपनी भांजी के पति की हत्या और दहेज उत्पीड़न के मुकदमे हैं। आरोपित को बुधवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एसटीएफ को पिछले कई दिनों से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वांछित और इनामी अपराधियों के बारे में सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ बरेली अब्दुल कादिर के निर्देशन में टीम सक्रिय थी। निरीक्षक धूम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने सूचना के आधार पर मंगलवार को मथुरा के महोली रोड स्थित गिरिराजधाम कालोनी में रह रहे चंद्रवीर को दबोच लिया। वह घर के बाहर खड़ा था।
इसे अलीगढ़ के जीआरपी थाने लाया गया। यहां पूछताछ में सामने आया कि वह मूलरूप से अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र के गांव कजरौठ का है। उसने बैंगलोर से बीफार्मा की पढ़ाई की थी और रुड़की में नौकरी करता था। इसी दौरान पारिवारिक विवाद के चलते अपनी भांजी के पति सोनू चौहान को गोली मार दी थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
इस मामले में मुरादाबाद के सिविल लाइन थाने में वर्ष 2010 में हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। जेल में रहने के दौरान उसकी पत्नी ने भी दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। आठ अगस्त 2012 को मुरादाबाद जेल से इगलास न्यायालय में पेशी के लिए लाए जाते समय वह अलीगढ़ जंक्शन पर पुलिस को चकमा देकर मय हथकड़ी फरार हो गया था।
इस संबंध में जीआरपी अलीगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद वह अपनी पहचान छिपाकर नई दिल्ली और फिर राजस्थान में रहा। अब मथुरा में रह रहा था।
जीआरपी के एसएसआइ गौरव वर्मा ने बताया कि फरारी के दौरान वह लगातार स्थान बदलता रहा और पहचान छिपाकर रह रहा था। शाम को न्यायालय में पेश किया गया, लेकिन मूल पत्रावली न होने के कारण बुधवार को पुन: न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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